उत्तराखंड में लॉकडाउन के बीच कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जारी है। इस राज्य के लोगों अचानक खतरा बढ़ गया है।
इस खतरे पीछे वो तब्लीगी जमानत को लोग हैं, जिन्होंने दिल्ली से उत्तराखंड का रुख किया है। ऐसे में सरकार और स्वास्थ्य विभाग के लिए ये सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। खतरा इस बात का है कि जो जमाती संक्रमित होंगे अगर वो स्थानीय लोगों के संपर्क में आ गए तो कोरोना वायरस और फैल जाएगा।
संक्रमण से बचाव औऱ रोकथाम के काम को लेकर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग और अलर्ट हो गया है। उत्तराखंड में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए 15 दिन बेहद अहम हैं। दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में आयोजित धार्मिक सभा में शामिल होने वाले जमातियों में कोरोना वायरस की पुष्टि के बाद पूरे देश में मुश्किलें बढ़ गए हैं। उत्तराखंड में जमातियों के पहुंचने और स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे लोगों की पहचान करना चुनौती भरा काम है।
प्रदेश में अब तक पुलिस और जिला प्रशासन ने पहचान करने के बाद 292 जमातियों को क्वारंटीन किया है। वहीं, पहले से राज्य में सात संक्रमित मरीजों के संपर्क में 1150 लोग आए हैं। ऐसे में जरूरत है कि आप खुद सावधान और सुरक्षित रहे हैं। कहीं, कोई संदिग्ध आपको दिखे उसके बार में पुलिस-प्रशासन सूचना दें।
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