उत्तराखंड में अक्टूबर के महीने में पंचायत चुनाव होना है। निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तैयारी कर ली है। चुनाव को लेकर आयोग ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन जारी की है।
प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के लिए निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन को समझना बेहद जरूर है, क्योंकि अगर कोई भी प्रत्याशी चुनाव के दौरान किसी भी गाइलाइन का उल्लंघन करने का दोषी पाया जाता है तो आयोग उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
आयोग द्वारा जारी गाइडलाइन के मुताबिक, कोई भी प्रत्याशी और उनके समर्थन सोशल मीडिया (फेसबुक, ट्वीटर, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाटसएप) के जरिए से ऐसे किसी संदेश का प्रचार प्रसार नहीं कर सकते, जिसमें धार्मिक, जातीय भावनाओं और सामाजिक सौहार्द पर असर पड़े।
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सबसे अहम गाइडलाइन है, उसेक मुताबिक, प्रत्याशी और उनके समर्थन में प्रचार-प्रसार सामग्री से जुड़ी कोई भी सूचना सोशल मीडिया पर जारी करने से पहले जिला निर्वाचन अधिकारी से पहले प्रमाणीकरण जरूरी होगा। इसमें होना वाला व्यय भी उम्मीदवार के चुनावी खर्च में शामिल किया जाएगा। ऐसे में जरूरत है कि प्रत्याशी आयोग द्वारा जारी गाइडलाइन को ठीक से पढ़ लें वरना आगे मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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