फोटो: सोशल मीडिया
बीजेपी से निष्कासित विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चैंपियन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है।
नैनीताल हाईकोर्ट ने विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हरिद्वार के झबरेड़ा से विधायक चैंपियन के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। चैंपियन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने और केस को निरस्त करने की अपील की थी। याचिका में कहा गया था कि झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल ने 12 दिसंबर, 2019 को रुड़की थाने में विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। चैंपियन पर आरोप है कि उन्होंने कर्णवाल और उनकी पत्नी के खिलाफ जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।
चैंपियन के खिलाफ पुलिस ने एससी/एसटी एक्त के तहत केस दर्ज किया था। चैंपियन पर पहले भी वादी और उनकी पत्नी पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था। इसके साथ ही पूरे मामले को प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित किया गया। इसके खिलाफ उनकी पत्नी ने मुकदमा दर्ज कराया था।
बावजूद इसके चैंपियन ने 12 और 16 अप्रैल 2019 में प्रेस कांफ्रेंस कर उन्हें (कर्णवाल) और उनकी पत्नी को जातिसूचक और अपमानजनक शब्द कहे। चैंपियन ने FIR में लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया। ऐसे में अब पुलिस उन्हें कभी भी गिरफ्तार कर सकती है।
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