पहाड़ियों में टैलेंट की कमी नहीं है। वो जहां जाते हैं वहीं छा जाते हैं। ऐस ही एक शख्स इन दिनों सुर्खियां बटोर रहा है।
टिहरी गढ़वाल के रहने वाले विकास सेमवाल ने इंजीनियरिंग करने जापान गए। वहां जाकर उन्होंने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग भी की। फिर कुछ दिन एक कंपनी में नौकरी भी की, लेकिन कंपनी बंद होने पर नौकरी छूट गई। जिसके बाद वो दूसरी कंपनी में नौकरी ढूंढने के बजाए व्यवसायी बन गए। दरअसल नौकरी छूटने के बाद विकास सेमवाल वापस देश आ गए। फिर उन्होंने सोचा कि क्यों ना वहीं जाकर कुछ अलग किया जाए।
उन्होंने वीजा को बिजनेस वीजा में तब्दील करवाया और साल 2013 में खुद ही वहां जाकर बिजनेस शुरू किया। उन्होंने खुद की एजेंसी खोली जिसका नाम जेजीकेपी यानी जय गुरू कैलापीर देवता रखा। उनकी मेहनत का नतीजा है कि उनकी कंपनी के नाम से पांच रेस्टोरेंट चल रहे हैं और इसमें करीब 12 पहाडी युवा रोजगार पा रहे हैं। विकास सेमवाल 2014 में अपना परिवार को भी साथ ले गए है। विकास जब भी गांव आते हैं तो उनके दोस्त, रिश्तेदार उनसे विदेश में बिजनेस की टिप्स लेते हैं।
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