फोटो: सोशल मीडिया
देहरादून से सटे डोईवाला में बनी झील ने सिंचाई विभाग की नींद उड़ा दी है।
यह झील सूर्यधार क्षेत्र में बांध से करीब दो किलोमीटर पहले बनी है। जिसका मुआयना करने के लिए सोमवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों की टीम पहुंची। बताया गया कि उक्त झील करीब 100 मीटर क्षेत्र में बनी है और सूर्यधार झील से तीन किमी आगे है। वहीं टीम ने माना कि अगर अधिक बारिश हुई तो यह झील खतरा पैदा कर सकती है।
जाखन नदी में डाले जा रहे रोड कटिंग के मलबे से बनी यह झील इस झील से बांध और रानीपोखरी के जाखन नदी में बने नवनिर्मित पुल को भी खतरा पैदा हो गया है। वर्ष 2019 से नरेंद्रनगर डिवीजन पीएमजीएसवाइ योजना के तहत सात किमी लंबे इठारना से कुखई मोटर मार्ग का निर्माण करवा रही है। रोड कटिंग का मलबा डंपिंग जोन में एकत्र ना कर जाखन नदी में डाला जा रहा है। यह नदी गंगा की सहायक नदी है। अब यह मलबा जमा होते होते जाखन नदी में पहुंच गया है। इससे ही सेबूवाला गांव में एक अस्थायी झील तैयार हो गई है।
झील की गहराई लगभग 15 फुट
फिलहाल इस झील से हो रहे रिसाव से कुछ पानी आगे जा रहा है। सारंगधरवाला के उपप्रधान विशाल तोमर ने बताया कि इस झील की गहराई लगभग 15 फुट है और लंबाई 100 मीटर से अधिक हो चुकी है। नदी में लगातार बहकर आने वाले मलबे से यह झील और बड़ी होती जा रही है, इसकी गहराई भी बढ़ती जा रही है।
बीते वर्ष मानसून के दौरान बह गया था रानीपोखरी में पुल
बीते वर्ष मानसून के दौरान जाखन नदी में अचानक उफान आने से टानीपोखरी में पुल बह गया था। अब यहां पर नया पुल भी तैयार हो गया है। जिसका परीक्षण 10 जुलाई को किया जाना है। लेकिन अब यहां नई झील बनने के कारण नए पुल और सूर्यधार बांध के लिए खतरा पैदा हो गया है।
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