अवैध तरीके से उत्तराखंड में रह रहे बांग्लादेशियों के पकड़े जाने का सिलसिला जारी है। पुलिस ने अब उधम सिंह नगर से दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है।
दोनों 2007 से उत्तराखंड में रह रही हैं। चौकाने वाली बात ये कि इसमें से एक महिला आशा कार्यकर्ता के रूप में काम करने वाली है। इन महिलाओं के पास सारे सरकारी दस्तावेज जैसे भारतीय राशन कार्ड, पैन कार्ड से लेकर आधार कार्ड मिला है। महिलाओं ने ये दस्तावेज कैसे तैयार कराए और किस तरह से ये चोरी छिपे रह रही थीं। अब इसकी जांच की जा रही है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच के लिए 4 सदस्य टीम भी गठित की गई है।
एक महिला का नाम माजदा बेगम और दूसरी का दिलबरी बेगम है। शुरुआती जांच में जो बात सामने आई है उसके मुताबिक दोनों करीब 14 साल से यूएस नगर में रह रही थीं। पूछताछ में ये खुलासा हुआ कि सरकारी प्रमाणपत्र के आधार पर ही दिलबरी बेगम ने आशा कार्यकर्ता की नौकरी प्राप्त की थी। पूछताछ में दिलबरी बेगम ने बताया कि वो 1999 में भारत आई थी। साल 2001 में उसकी शादी हुई और उसका एक बेटा भी है और वो 2007 से उधम सिंह नगर में रह रही है। महिला ने प्रशासन से भारत की नागरिकता देने और वापस बांग्लादेश नहीं भेजने की गुहार लगाई है।
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