उत्तरकाशी के रवांई क्षेत्र में मटर की बुआई न होने से किसान बेहद मायूस हैं। दरअसल बीते तीन महीने से इस इलाके में बारिश नहीं हुई है।
बारिश नहीं होने से इसका असर फसलों पर दिख रहा है। अगर यही हाल नवंबर के पहले हफ्ते तक बना रहा है तो किसानों के लिए और मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी। किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
रवांई क्षेत्र के रामा और कमल सिरांई समेत नौगांव, बड़कोट, मोरी में समेत ज्यादातर इलाकों में किसान धान कटाई के बाद मटर की खेती करते हैं। मटर इस इलाके के किसानों का आर्थिकी का अहम जरिया है। अक्टूबर के आखिरी हफ्ते और नवंबर के पहले हफ्ते में किसान खेतों की जुताई कर मटर की बुआई करने की तैयारी करते हैं।
एक किसान ने कहा कि पहाड़ों में सिंचाई नहरों की सही व्यवस्था नहीं होने की वजह से उन्हें बारिश पर निर्भर रहना पड़ता है। जुलाई के महीने में भी इस बार अच्छी बारिश नहीं हुई। जुलाई से अब तक बारिश नहीं होने से खेतों में नमी नहीं है। यही वजह है कि किसान मटर की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में किसानों की मांग है कि भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सिंचाई नहरों की व्यवस्था को ठीक किया जाए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…
उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…
उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
This website uses cookies.