चमोली की डीएम स्वाति एस भदौरिया ने शनिवार को अहम बैठक ली। इस बैठक में बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने को लेकर इस बैठक में चर्चा हुई।
यह बैठक स्तरीय कमेटी की थी। बैठक में अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिकों और घरों से निकलने वाले बायो मेडिकल कचरे के निस्तारण के मुद्दे पर चर्चा की गई। डीएम ने कहा कि बायो मेडिकल कचरे का वैज्ञानिक तरीकों से निस्तारण करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बायो मेडिकल वेस्ट को निर्धारित समय में ट्रीटमेंट के लिए रुड़की तक पहुंचाने में स्वास्थ्य विभाग की समस्याओं को देखते हुए स्थायी समाधान पर जोर दिया।
डीएम ने बताया कि स्थानीय स्तर बायो मेडिकल वेस्ट का ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए कई प्रस्ताव हैं। उन्होंने कहा कि आसपास जिलों के साथ मिलकर इस प्लांट को स्थापित करने की कोशिश की जा सकती है, ताकि निर्धारित 48 घंटों में हानिकारक बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण किया जा सके और पर्यावरण को इससे बचाया जा सके।
बैठक में समिति के सदस्यों को बायो वेस्ट मेडिकल के उचित प्रबंधन हेतु अपने सुझाव देने को कहा गया। इस दौरान डीएम ने ईएचआई इंटरनेशनल के माध्यम से जिला अस्पताल समेत सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण को लेकर दिए गए ट्रेनिंग के बारे में भी जानकारी ली।
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