प्रदेश में चकबंदी व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने गांधी पार्क में धरना दिया। इस दौरान पुश्तैनी हक-हकूक बहाल करने पर जोर दिया गया।
सभा को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंडियों को गिरिजन (अरण्यजन) मानते हुये उनके पुश्तैनी वनाधिकार और हक-हकूक बहाल बहाल हों। उन्होंने कहा कि इसके तहत जंगली जानवरों द्वारा फसल के नुकसान पर प्रति नाली 5 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने, जंगली जानवरों द्वारा जनहानि पर 25 लाख रुपये क्षतिपूर्ति और परिवार के एक सदस्य को पक्की सरकारी नौकरी, देने, एक यूनिट आवास बनाने हेतु लकड़ी, बजरी व पत्थर निशुल्क देने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त में देने समेत कई चीजों की मांग की।
उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में चकबंदी होनी चाहिए, ताकि किसानों को फायदा पहुंचे और साथ ही इससे उत्पादन भी बढ़ेगा। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एसबीआई तिराहे पर बिजली और पानी के बिलों की होली भी जलाई। सभा जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्प जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी, पूर्व दर्जाधारी गोपाल भट्ट समेत कई नेता शामिल हुए।
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