फोटो: सोशल मीडिया
आदिगुरु शंकराचार्य की गद्दी शीतकाल के लिए जोशीमठ के नरसिंह मंदिर पहुंच गई है। अगले 6 माह तक यहीं पूजा-अर्चना होगी।
इस मौके पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी का जोरदार स्वागत किया और दर्शन किए। बदरीनाथ के मुख्य पुजारी ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अगुवाई में गद्दी का अलग-अलग जगहों पर भव्य स्वागत किया गया। गद्दी पर फूलों की वर्षा की गई।
गढ़वाल स्काउट के बैंड की धुनों के साथ श्रद्धालुओं ने जय बद्री विशाल के जयकारे लगाए। रावल और धर्माधिकारी द्वारा नरसिंह मंदिर और नव दुर्गा मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने तक शंकराचार्य की पवित्र गद्दी नरसिंह मंदिर जोशीमठ में ही विराजमान रहेगी।
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