फोटो: सोशल मीडिया
उत्तराखंड में लोगों ने गोवर्धन पर्व हर्षोल्हास के साथ मनाया गया। चंपावतमें लोगों ने गायों की आरती उतारी और अलग-अलग पकवान खिलाए।
इस मौके पर लोगों ने गाय के गोबर से गोवर्धन की प्रतिमा को बनाया और पूजा के बाद प्रसाद बांटे। पुरोहित दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि दिवाली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन का पर्व मनाया जाता है। भगवान श्री कृष्णा ने गोवर्धन पर्वत अंगुली पर उठा कर गायों की रक्षा की थी। तभी से ये पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और गायों की पूजा की जाती है।
वहीं, नेपाल सीमा से लगे मड़ पसौली स्थित मां कामधेनु वात्सल्य सेवा धाम ट्रस्ट के संचालक शंकर दत्त पांडेय ने बताया कि वो पिछले 12 सालों से लोहाघाट, चंपावत समेत कई स्थानों पर छोड़ी गई गायों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 22 नवंबर को गोपाष्टमी के दिन महा गौ पूजन होगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…
उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…
उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
This website uses cookies.