रुद्रप्रयाग जिले के चारों तहसीलों में तहसीलदार और एसडीएम का पद खाली रहने से लोगों के कई जरूरी काम नहीं हो पा रहे हैं।
स्थानीय लोगों और बेरोजगार युवाओं को जरूरी करवाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राशनकार्ड और स्वर्णों के 10 फीसदी आरक्षण को लेकर आय प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता होने से लोंगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। तहसीलों में दो हजार से ज्यादा प्रमाण-पत्र बिना हस्ताक्षर के लंबित पडे़ हुए हैं। इसके अलावा तहसील ऊखीमठ और बसुकेदार में एसडीएम का पद भी खाली है।
रुद्रप्रयाग समेत ऊखीमठ, जखोली और बसुकेदार तहसीलों में तहसीलदार के पद तो सृजित हैं, लेकिन तहसीलदारों की कमी के चलते आम जनता की समस्याएं समय से हल नहीं हो पा रही है। ऊखीमठ तहसीलदार के पास ही बसुकेदार तहसील का चार्ज था, लेकिन उनका भी स्थानान्तरण होने से पूरा कार्य लंबित पड़ा हुआ है। जखोली तहसील की तहसीलदार रुद्रप्रयाग का कार्यभार देख रही थी, लेकिन उनके मेडिकल पर जाने से रुद्रप्रयाग और जखोली में भी काम लंबित पड़ा है।
डिजिटल सेवा केन्द्र (सीएससी) रुद्रप्रयाग के प्रबंधक राकेश मोहन के मुताबिक, सरकार की ओर से बेरोजगार युवाओं के लिए विज्ञप्तियां निकाली गई हैं। विज्ञप्तियों में लगने वाले कागजात नहीं बन पा रहे हैं। तहसील स्तरों पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार और एसडीएम नहीं हैं। ऐसे में सवाल यह है कि बेरोजगार युवाओं के प्रमाण पत्र कैसे बनेगा?
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