फोटो: सोशल मीडिया
कोरोना महामारी से बचाव के लिए सरकार ने देसभर में लॉकडाउन लगाया। इस दौरान जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी सेवाएं ठप रही।
अनलॉक की प्रक्रिया के तहत अब ज्यादातर सर्विसेज चालू हो गई हैं, बावजूद इसके मार्केट ने वो रफ्तार वो नहीं पकड़ी है, जो कोरोना महामारी से पहले था। कई लोग कोरोना के डर से और कई लोग आर्थिक वजहों पर सिर्फ वही सामान खरीदने बाहर निकल रहे हैं जो बहुत जरूरी है। इसकी वजह से व्यापार काफी हद तक ठप हो गया। जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।
आर्थिक मोर्चे बुरी तरह से नुकसान होने की वजह से कई लोग डिप्रेशन में चले गए हैं। इसकी वजह से पिछले कुछ महीने में कई आत्महत्या के केस भी सामने आए हैं। बागेश्वर से भी एक ऐसी ही घटना सामने आई है। यहा एक व्यापारी ने अपने घर में फांसी लगातर खुदकुशी कर ली। उसका शव दो मंजिला मकान की रेलिंग पर लटकता हुआ मिला। जिसके बाद इलाके में कोहराम मच गया। खुदकुशी की असल वजह का अब तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऐसी आशंका जताई जा रही है व्यापार में नुकसान होने की वजह से शख्स ने मौत को गले लगा लिया।
शख्स का नाम हरीश सिंह बताया जा रहा है और वो रैखोला गांव के रहने वाले थे। उनकी गैरखेत में दुकान थी। बीते मंगलवार की रात को उन्होंने अपने दो मंजिला मकान में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बुधवार की सुबह लोगों ने छत में लटकता हुआ शव मिला। हरीश सिंह अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं।
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