चंपावत के टनकपुर छीनीगोठ के जंगल में हुई गुलदार की मौत की असल वजह का पता चल गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक तेंदुए की कमर में गहराई तक फंदा धसने से उसकी मौत हुई है। आपको बता दें कि तीन दिन पहले जंगल में फंदे में फंसे तेंदुए को रेस्क्यू किया गया था, जिसकी उसी दिन इलाज के दौरान मौत हो गई थी। रेंज कार्यालय में उसी दिन रिपोर्ट भी दर्ज की जा चुकी है।
पूर्वी तराई वन प्रभाग खटीमा रेंज के छीनी कंपार्टमेंट में छीनीगोठ से सटे जंगल में एक तेंदुआ फंदे में फंसा मिला था, जिसे वन विभाग ने रेस्क्यू कर इलाज के लिए हल्द्वानी रेस्क्यू सेंटर भिजवा दिया था, लेकिन वहां इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई थी। पूर्वी तराई वन प्रभाग खटीमा के एसडीओ बाबू लाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए की कमर में अधिक गहराई तक फंदा घुसने से मौत होना बताया गया है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ कमर में हुए घाव से परेशान था। इस कारण कमर से पीछे का हिस्सा सुन्न हो गया था।
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