नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तरकाशी के जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण के खिलाफ वित्तीय अनियममितताओं की जांच पर फिलहाल रोक लगा दी है।
साथ ही हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार से इस मामले में जवाब देने को कहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण की ओर से इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि एक जिला पंचायत सदस्य की शिकायत पर राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गढ़वाल के आयुक्त को जांच करने के निर्देश दिये हैं।
याचिकाकर्ता ने ये भी कहा गया कि उनके खिलाफ जांच राजनीति से प्रेरित है और यह कदम पंचायती राज अधिनियम का उल्लंघन है। उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की अदालत में हुई और अदालत ने प्रथमदृष्टया मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच पर रोक लगा दी है और सरकार से जवाब पेश करने को कहा है।
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