उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के गहमर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की ठहराव की मांग को लेकर आंदोलन जारी है।
क्षेत्रीय विधायक सुनीता सिंह और रेल अधिकारियों के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद आंदोलनकारियों ने धरना जारी रखने का फैसला किया है। गहमर में कोरोना काल से पूर्व रुक रही 19 जोड़ी ट्रेनों के ठहराव रद्द किए जाने के बाद दोबारा ठहराव की मांग को लेकर रेल ठहराव समिति के सदस्य भूतपूर्व सैनिक समिति और व्यापार मंडल द्वारा संयुक्त रूप से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।
इस बीच रेल अधिकारी एसएन ओझा कमांडेंट आरपीएफ दानापुर एवं डीसीएम व अन्य अधिकारियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत की। रेल अधिकारियों ने पंजाब मेल, विभूति एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस समेत कुल 3 ट्रेनों के जल्द ठहराव का आश्वासन देते हुए धरना खत्म करने की अपील की। लंबे बातचीत के बाद समिति ने आश्वासन के साथ धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया और कहा कि पूर्व में रुक रही करीब 5 प्रमुख ट्रेनों का ठहराव तय तिथि समेत सुनिश्चित किया जाए और रेल अधिकारियों द्वारा इसका लिखित आश्वासन दिया जाए तब धरना समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।
वरिष्ठ बीजेपी नेता परीक्षित सिंह ने कहा कि ट्रेन ठहराव के लिए शासन स्तर से प्रमुख पहल की गई है। रेल अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है। गहमर के साथ-साथ भदौरा रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेनों के ठहराव की जल्द संभावना है। उन्होंने समिति की सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि यह समिति निष्पक्ष रूप से रेल ठहराव के लिए धरनारत हैं। लेकिन इसे कुछ तथाकथित लोगों द्वारा राजनीतिक तूल देते हुए आरोप प्रत्यारोप लगाते हुए प्रदर्शन को हाईजैक करने का प्रयास किया जा रहा है जो सरासर गलत है। समिति से जुड़े अमित सिंह सिकरवार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि डिजिटल सरकार में भी टि्वटर फेसबुक व्हाट्सएप एवं अन्य सोशल साइट और डिजिटल तरीके से हम लोगों ने गहमर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन ठहराव की मांग रखी थी, लेकिन करीब 52 हजार से ऊपर ट्वीट के बावजूद रेल मंत्रालय द्वारा एक का भी जवाब नहीं दिया गया। पिछले 8 महीनों से हम आश्वासन की घुट्टी पर ही जी रहे हैं। अब हमें ट्रेन ठहराव के अलावा कोई आश्वासन नहीं चाहिए। समिति के सदस्यों के न मानने पर रेल अधिकारी बैरंग वापस लौट गए।
कार्यक्रम का संचालन कवि मिथिलेश गहमरी ने किया। इस मौके पर मारकंडेय सिंह, हृदय नारायण सिंह, अखंड गहमरी, सुधीर सिंह, संजय, आनंद मोहन, भूतपर्व ग्राम प्रधान मुरली कुशवाहा, दुर्गा चौरसिया, हे राम सिंह, चंदन, कुणाल, महेंद्र उपाध्याय, दीपक, राजेश, मनीष सिंह बिट्टू आदि समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
(सेवराई तहसील से इजहार खान की रिपोर्ट)
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