उत्तर प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि उन्नाव के जूनियर हाई स्कूल चौरा में आठवीं क्लास में शिक्षक ही अंग्रेजी की किताब नहीं पढ़ पाए।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब डीएम साहब स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे। क्लास में पहुंते ही डीएम साहब ने बच्चों से अंग्रेजी की किताब पढ़ने के लिए। लेकिन बच्चे किताब नहीं पढ़ पाए। इसके बाद उन्होंने क्लास में मौजूद महिला शिक्षक से अंग्रेजी की किताब पढ़ने के लिए कहा। बच्चे तो बच्चे महिला शिक्षा भी किताब नहीं पढ़ पाईं। जब डीएम ने दूसरे शिक्षकों से अंग्रेजी की किताब बढ़ने के लिए कहा तो वो चश्मा नहीं होने का बहाना बनाे लगे।
डीएम ने कहा कि जब शिक्षक ही किताब नहीं पढ़ पाएंगे तो बच्चों क्या होगा। पहले तो डीएम साहब ने महिला शिक्षक को डांट लगाई। इसके बाद तुरंत उन्हंने बेसिक शिक्षा अधिकारी से महिला शिक्षक को सस्पेंड करने के लिए कह दिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार पांडेय ने कहा कि डीएम के रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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