हिमाचल की तर्ज पर अब अल्मोड़ा में भी उन्नत प्रजाति के सेब की बागबानी होगी।
शहर के पहाड़ी इलाकों में पौधो को विकसित करने में उद्यान विभाग जुटा हुआ है। शीतलाखेत में सेब की स्पर किस्म की नर्सरी विकसित की गई है। जबकि, ताड़ीखेत, हवालबाग, ताकुला विकासखंड में भी सेब की नर्सरी तैयार की जा रही है। शहर का मौसम भी फलों को उगाने के लिहाज से काफी अच्छा है, लेकिन अच्छी प्रजाति के पौधे नहीं मिलने की वजह से काश्तकार उद्यानीकरण के खिलाफ ही रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में सेब उत्पादन की अच्छी संभावनाएं हैं। इसी को देखते हुए उद्यान विभाग की तरफ से ताड़ीखेत के बिल्लेख में सेब के सफल उत्पादन के बाद अब दूसरे विकासखंडों में इसके उद्यानीकरण की प्रकिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही किसानों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
मुख्य उद्यान अधिकारी टीएन पांडेय के मुताबिक राष्ट्रीय सेब मिशन योजना के तहत अल्मोड़ा के पहाड़ी क्षेत्रों में हिमाचल की तर्ज पर सेब की उन्नत प्रजाति की बागवानी विकसित की जा रही है। ताड़ीखेत ब्लॉक के बिल्लेख में सेब की सफल पैदावार होने के बाद अब शीतलाखेत में उद्यान विभाग की तरफ से सेब की बागवानी विकसित की जा रही है। उन्होंने बताया कि यहां नौ प्रजाति के सेब की उन्नत प्रजाति विकसित की जा रही है।
टीएन पांडेय के मुताबिक जिले के लिए रेड चीफ, गोल्डन डेविल, रेड फ्यूजी, बांस डेलिसिस, हनी क्राप्स, जेल गाला, सुपर चीफ सेब की प्रजातियां उपयुक्त हैं। शीतलाखेत में इन प्रजातियों के सेब की स्पर किस्म की नर्सरी विकसित की गई है। यहां इन प्रजातियों के करीब 500 के सेब के पेड़ लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह सेब का पेड़ 2 से 3 सालों में फल देने लग जाते हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…
उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…
उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
This website uses cookies.