फोटो: सोशल मीडिया
देश में कोरोना वायरस के मामले बुलेट की रफ्तार सामने आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से हर दिन 90 हजार से ज्यादा केस रिपोर्ट हो रहे हैं।
हर शहर हर गांव में कोरोना ने दस्तक दे दी है, लेकिन उत्तराखंड के चमोली में बसा देश के आखिरी गांव में स्थानीय लोगों की सजगता की वजह से वहां पर कोरोना के अब तक एक भी केस सामने नहीं आए हैं। चीन से सटा ये है माणा गांव। गांव वाले न केवल बदरीनाथ धाम आने वाले यात्रियों, बल्कि सेना के जवानों से भी दूरी बनाई हुई है। कोरोना काल में सेना की आवाजाही गांव के बीच से गुजरने वाले पारंपरिक रोड की जगह अब वैकल्पिक मार्ग से हो रही है। ग्रामीण इस मार्ग का इस्तेमाल नहीं कर रहे।
चमोली में अब तक जो भी मामले कोरोना के सामने आए हैं, उनमें सबसे ज्यादा चपेट में सेना के ही जवान हैं। इसलिए ग्रामीणों ने यात्रियों के साथ ही सेना के जवानों से भी दूरी बनाई हुई है। माणा के ग्राम प्रधान पीतांबर मोलफा के मुताबिक गांव में अब तक किसी को भी कोरोना वायरस नहीं हुआ, इसका श्रेय गांव वालों को ही जाता है। इसके साथ ही यहां का खान-पान भी कोरोना संक्रमण से बचने में ग्रामीणों के लिए मददगार साबित हो रहा है।
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