लोकगायक बीके सामंत का एक गीत इन दिनों सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है।
इस गीत के जरिये उन्होंने पंचेश्वर बांध में होने जा रहे निर्माण को लेकर पिथौरागढ़, चंपावत और अल्मोड़ा के लोगों की चिंता बयां करने की कोशिश की है। विकास के नाम पर बन रहे इस बांध का स्थानीय लोग विरोध भी कर रहे हैं। उनकी अपनी चिंताएं हैं। इन्हीं चिंताओं और पीड़ा को लोकगायक बीके सामंत ने अपने नए गीत ‘पंचेश्वर बांध’ में व्यक्त किया है। ‘डुबी जाला घर द्वार, डुबी जाला खेत, डांडा-कांणा बाटा सब होलि बस रेत’ जैसे शब्दों से सजा गीत बेहद मार्मिक बन पड़ा है। गीत में बांध परियोजनाओं का वो पहलू दिखाया गया है, जिसकी अक्सर अनदेखी कर दी जाती है। एक जनवरी को इस गीत को एक जनवरी यूट्यूब पर अपलोड किया गया था, तब से अब तक इसे करीब 19 हजार लोग देख चुके हैं। आप भी देखिये गीत
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