फोटो: सोशल मीडिया
‘शमशेरा’ में नजर आने वाली अभिनेत्री वाणी कपूर ने कहा कि वो कभी भी यह सोचकर फिल्में नहीं चुनती हैं कि वो उनके लिए पुरस्कार जीतेंगी, वह हर फिल्म अपने दिल से चुनती हैं।
वाणी ने कहा कि मैंने कभी भी यह सोचकर फिल्मों का चयन नहीं किया कि मैं उनके लिए पुरस्कार जीतूंगी। मैंने हमेशा अपने दिल से परियोजनाओं को चुना है और इसलिए मैं भाग्यशाली हूं कि मेरी फिल्मोग्राफी में ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ जैसी फिल्म हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रोजेक्ट मिलना दुर्लभ है जो आपको निखरे , चुनौती दे। मानवी एक विचार और दुनिया के लिए एक आदर्श है और मैं धन्य हूं कि मुझे इस किरदार को निभाने का मौका मिला। वाणी ने कहा कि अगर लोगों ने मेरे अभिनय को पसंद किया है तो ऐसा इसलिए है क्योंकि चरित्र को ‘खूबसूरती से और गरिमा के साथ’ लिखा गया है।
अभिनेत्री ने कहा, “अगर मुझे पुरस्कार मिला, तो मैं उसे भारत में ट्रांसजेंडर समुदाय को समर्पित कर दूंगी। अगर फिल्म जीतती है या मेरा प्रदर्शन जीतता है, तो यह लोगों को दिखाएगा कि मुख्यधारा का मीडिया इस विचार को स्वीकार कर रहा है। यह बहुत जरूरी बदलाव है।
उन्होंने कहा कि मुख्यधारा के मीडिया में समाजों को बदलने, इसे विकसित करने और बेहतर बनने की शक्ति है। लेकिन हमने पुरस्कारों को ध्यान में रखते हुए फिल्म नहीं बनाई है। अभिषेक कपूर चाहते थे कि फिल्म हम सबके दिमागों को खोलें। वाणी ने कहा कि हमने खुद को बदलने, समाज कैसा है और आने वाली पीढ़ियों के लिए समाज कैसा होना चाहिए, इस बारे में विचार करने के लिए फिल्म बनाई है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…
उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…
उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
This website uses cookies.