दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की।
इस मुलाकात के दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मानव-वन्यजीव संघर्ष और वनाग्नि पर प्रभावी रोक लगाने के लिए 262 करोड़ 49 लाख रुपये की कैम्पा योजना की मंजूरी की अपील की, जिस पर केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर जी ने सैद्धांतिक मंजूरी दी।
प्रेस से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में जंगली जानवरों द्वारा खास तौर पर बंदर, सूअर और मैदानी क्षेत्रों में नील गाय खेती को नुकसान पहुंचाते हैं। पहाड़ी इलाकों में गुलदार के हमले और जंगली जानवरों से खेती को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर स्थापित किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर को वानिकी गतिविधियों के रूप में परिभाषित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने उनके द्वारा की गई अपील पर अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से लाखों की संख्या में उत्तराखंड के लोग वापस अपने राज्य में आए और इनके रोजगार के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना समेत अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कैम्पा में भी 10 हजार लोगों को रोजगार देने के लिए योजना बनाई गई है।
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