जम्मू-कश्मीर में जारी प्रशासनिक गतिविधियों की वजह से असमंजस की स्थित बन गई है। देर रात कश्मीर की दो बड़ी राजनीतिक पार्टियों के दो बड़े नेता उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ति को नजरबंद कर दिया गया।
इसके साथ ही वहां धारा-144 लगा दी है। घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवा को भी बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया गया है। कश्मीर में मौजूदा हालात पर राज्यपाल ने देर रात की DGP और चीफ सेक्रेटरी के साथ मीटिंग की। सत्यपाल मलिक ने चीफ सेक्रेट्री से जम्मू-कश्मीर के हर घंटे हालात पर रिपोर्ट मांगी है।
नजरबंद होने से पहले जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। ट्वीट के जरिए उन्होंने घाटी के लोगों से कहा कि हिंसा से केवल उन लोगों के हाथों में खेलेंगे जो राज्य की भलाई नहीं चाहते।
उमर अब्दुल्ला के साथ ही PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय वक्त में मैं अपने लोगों को यह भरोसा दिलाना चाहती हूं कि जो हो सकता है, हम इसमें एक साथ हों और इसका मुकाबला करेंगे। इसके साथ ही एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि अल्लाह जाने क्या होगा?
आपको बता दें कि दो दिन पहले केंद्र सरकार की तरफ से से जम्मू-कश्मीर को लेकर एडवाइजरी जारी हुई थी। उसमें अमरनाथ यात्रियों के साथ ही पर्यटकों को जल्द यहां से जाने के कहा गया था। एडवाइजरी में कहा गया गया था ऐसा आतंकी वारदात के इनपुट के बाद ये फैसला किया गया। इस एडवाइजरी के बाद से कश्मीर के नेता अफवाहों का बाजार गर्म है। हर कोई अलग-अलग बातें बता रहा है।
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