मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जनता से दूरी कम करने के लिए बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बुलेट प्रूफ फॉर्च्यूनर गाड़ी को छोड़कर इनोवा की सवारी करने का फैसला किया है।
फॉर्च्यूनर के बुलेट प्रूफ होने से उसके शीशे नहीं खुल पाते थे, इस कारण वे जनता से मिल नहीं पाते थे। इनोवा से सफर करने पर वे जनता और कार्यकर्ताओं से सीधे तौर पर मिल सकेंगें। मुख्यमंत्री जनता के प्रति कितने संवेदनशील और उनसे कितना जुड़ाव रखते हैं, यह उनके इस निर्णय से साबित होता है। दरअसल, कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद आइसोलेशन से बाहर आए सीएम तीरथ ने इनोवा की मांग कर गृह विभाग के अधिकारियों को चौंका दिया।
संक्रमण से ठीक होने के बाद मुख्यमंत्री ने महसूस किया कि फॉर्च्यूनर गाड़ी से सार्वजनिक कार्यक्रमों में जाने के कारण वे जनता से खुलकर नहीं मिल पाते हैं और उनकी समस्याएं वे जान नहीं पाते हैं। बुलेट प्रूफ फॉर्च्यूनर गाड़ी यूं तो सुरक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है और हर मुख्यमंत्री के पास सुरक्षा साधनों से लैस वाहन होता है, लेकिन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जनता की समस्याओं के सामने अपनी सुरक्षा को भी द्वितीय रखा और उन्होंने इनोवा से सार्वजनिक कार्यक्रमों में जाने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सभी ने प्रशंसा की।
बता दें कि प्रदेश में पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में तीन बुलेट प्रूफ फॉर्च्यूनर वाहन खरीदे गए थे। इन वाहनों की खरीद पर तब सवाल भी उठाए गए थे। लेकिन मुख्यमंत्री की सुरक्षा के मामले को देखते हुए मुद्दे को तूल नहीं दिया गया। तब से मुख्यमंत्री सुरक्षा के लिहाज से लाखों रुपये से खरीदी गई बुलेट प्रूफ फॉर्च्यूनर की ही सवारी करते आए हैं।
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