ये हैं वो कारण जिसके चलते चली गई त्रिवेंद्र रावत की कुर्सी? 10 प्वॉइंट में समझिए पूरा मामला

उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को इस्तीफा सौंपा।

आपको बता दें बीते कुछ दिनों से यह चर्चा थी कि बीजेपी आलाकमान ने उत्तराखंड में नेतृत्व बदलने का फैसला किया है। इसी सिलसिले में रावत को दिल्ली तलब किया गया था। आखिरकार दिल्ली से वापस अपने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया है। अब रावत के इस्तीफे के बाद ये सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ऐसी क्या बात हो गई कि केंद्र को नेतृत्व परिवर्तन का बड़ा फैसला लेना पड़ा।

इन प्वॉइंट्स में समझिए क्या है इसके पीछे का कारण

  • उत्तराखंड बीजेपी में पिछले चुनावों में जीत के बाद से ही नेताओं के नाराज होने का सिलसिला शुरू हो चुका था, जिसके बाद सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की कार्यशैली ने इसे लगातार बढ़ाने का काम किया
  • त्रिवेंद्र सिंह रावत के सीएम बनने के बाद उनके तमाम फैसलों से भी पार्टी के नेता नाराज चलने लगे, मंत्री और विधायकों ने आरोप लगाना शुरू कर दिया कि रावत के नेतृत्व में उनकी बात नहीं सुनी जा रही है
  • साथ ही रावत के कामकाज के तरीके को लेकर भी विरोध के सुर उठने लगे थे, पार्टी में दो धड़े बनने की खबरें आने लगीं थी
  • पिछले दिनों हुई कुछ घटनाओं ने त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ बने माहौल को और मजबूत किया जिसके बाद नाराज विधायकों ने दिल्ली में डेरा डाल लिया था
  • सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पर मंत्री और विधायक ने आरोप लगाया कि उन्होंने कुछ खास अफसरों को खुली छूट दी है और पहाड़ के अफसरों की उपेक्षा करने का काम किया
  • मंत्रिमंडल में लंबे समय से खाली पड़े पदों को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नहीं भरा, इसकी मांग विधायक लगातार कर रहे थे, जिसे अनदेखा किया जा रहा था
  • हाल ही में सीएम रावत ने उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी गैरसैण को मंडल बनाने का ऐलान किया, जिसका पार्टी के बड़े नेताओं ने विरोध किया और कहा कि बिना विचार-विमर्श के ही फैसला किया गया है
  • सड़क चौड़ी करने को लेकर करीब तीन महीने से प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर गैरसैण में जमकर लाठीचार्ज किया गया, क्योंकि वो बजट सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करने आईं थीं
  • आम जनता के प्रति सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का व्यवहार भी इस नाराजगी की बड़ी वजह बताया जा रहा है, इसे लेकर विपक्ष भी उनके कई ऐसे वीडियो वायरल करता आया है, जिनमें सीएम खुद जनता से भिड़ते हुए दिख रहे हैं
  • सीएम रावत का एक वीडियो सबसे ज्यादा वायरल हुआ, जिसमें वो एक महिला सरकारी टीचर को सस्पेंड करने के आदेश देते हुए दिख रहे हैं और पुलिस से उसे बाहर निकालने और हिरासत में लेने को कहते दिख रहे हैं, इस वीडियो को लेकर सीएम की जमकर आलोचना भी हुई थी

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