जिस योजना की घोषणा तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार ने 2015-16 के आम जबट में की थी उसकी शुरूआत सीएम योगी ने शुक्रवार को की।
लखनऊ के लोकभवन में मंडल के लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को सीएम योगी ने स्मार्टफोन का वितरण किया। तत्कालीन अखिलेश सरकार द्वारा इस योजना का घोषणा करने के बाद लेखपाल और राजस्व निरीक्षकों को स्मार्टफोन के लिए चार सालों का इंतजार करना पड़ा।
साल 2015-16 के आम बजट में राजस्व कर्मियों को टेबलेट देने के ऐलान बाद, योगी सरकार ने 2016-17 के बजट में स्मार्टफोन देने की नई योजना घोषित कर दी। लेकिन, बजट में ऐलान के बावजूद योजना पर ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा ये हुआ कि ये योजना ठंडे बस्ते में चली गई। हालांकि हर बजट में इसकी व्यवस्था तो की गई, लेकिन राजस्व कर्मियों को स्मार्टफोन बांटने की योजना धरातल पर नजर नहीं आ रही थी। ऐसे में लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन कर इस योजना की सरकार को याद दिलाई, तब जाकर अफरों की नींद टूटी और योजना को अमलीजामा पहनाने का काम शुरू किया गया।
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मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल इस योजना को प्राथमिकता से पूरा करने करने के लिए आदेश दिया था। नियमित समीक्षा का असर हुआ और स्मार्टफोन खरीद की कार्यवाही पूरी की गई। इसके बाद आखिरकार सीएम योगी ने योजना की शुरूआत कर दी। इसके आलावा लैपटॉक खरीदने का आदेश दिया जा चुका है।
तत्कालीन अखिलेश सरकार ने केंद्र की मदद से राजस्व कामकाज को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए राजस्व कर्मियों को लैपटॉप और स्मार्टफोन देने की योजना बनाई थी।
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