जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 35A और 370 हटाने को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच सूबे में करीब 10 हजार जवानों की अतिरिक्त तैनाती कर दी गई है।
इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं ये 35A हटाने की उल्टी गिनती तो नहीं शुरू हो गई है। NSA अजीत डोभाल के कश्मीर दौरे से लौटने के बाद ही मोदी सरकार ने वहां पर 100 अतिरिक्त कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है।
केंद्र सरकार के जम्मू-कश्मीर में 100 अतिरिक्त कंपनियों को तैनात करने के फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। सूबे की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घाटी में 10 हजार अतिरिक्त जवानों की घाटी में तैनाती को डर से जोड़ दिया। उन्होंने ट्वीट किया कि घाटी की समस्या में राजनीतिक समस्या है इसे मिलिट्री के जरिए नहीं सुलझाया जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट के अध्यक्ष शाह फैसल ने भी घाटी में इतनी तादाद में अतिरिक्त जवानों की तैनाती पर सवाल खड़े किए हैं।
आपको बता दें कि बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2019 के घोषणा पत्र में भी अनुच्छेद 35ए और 370 को खत्म करने की प्रतिबद्धता जाहिर की थी। बीजेपी का तर्क है कि ये अनुच्छेद राज्य के विकास में रुकावट है।
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