लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली में 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि हमने संसद में कहा था कि हम ‘जातिगत जनगणना’ करवा के ही मानेंगे। सरकार पर जाति जनगणना कराने के लिए सफलतापूर्वक दबाव डालने के बाद, अब हम 50 प्रतिशत की सीमा को हटाने के लिए दबाव बनाना जारी रखेंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि पहले तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते थे कि देश में सिर्फ चार जातियां हैं, लेकिन अचानक से उन्होंने जातिगत जनगणना कराने की घोषणा कर दी। हम सरकार के इस फैसले का पूरा समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार को इसकी टाइमलाइन बतानी होगी कि जातिगत जनगणना का काम कब तक पूरा होगा।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि जातिगत जनगणना में बिहार और तेलंगाना का मॉडल है। दोनों राज्यों के बीच जमीन-आसमान का फर्क है। तेलंगाना जातिगत जनगणना के लिए एक मॉडल बना है और यह एक ब्लूप्रिंट बन सकता है। हम जातिगत जनगणना को डिजाइन करने में सरकार की मदद करेंगे, क्योंकि यह डिजाइन बहुत जरूरी है।
राहुल गांधी ने कहा कि हम देश में जातिगत जनगणना के माध्यम से एक नए तरीके का विकास लाना चाहते हैं। चाहे ओबीसी हों, दलित हों या आदिवासी, इनकी देश में कितनी भागीदारी है, यह सिर्फ जातिगत जनगणना से पता चलेगा, लेकिन हमें और आगे जाना है। हमें पता लगाना है कि देश की संस्थाओं और पावर स्ट्रक्चर में इन लोगों की कितनी भागीदारी है। इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी ने अपने मैनिफेस्टो में लिखा था कि आर्टिकल 15(5) के तहत निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण लागू किया जाए और हमारी मांग है कि सरकार इसे तत्काल लागू करे।
उन्होंने कहा कि यह हमारा विजन है, इन्होंने इसे अपनाया, इसलिए हम उनका धन्यवाद देते हैं। हमें पूरी टाइमलाइन चाहिए कि कब तक जातिगत जनगणना का काम पूरा हो जाएगा। इसके अलावा डेवलपमेंटल विजन भी हमारे सामने रखा जाना चाहिए।
इसके अलावा राहुल गांधी ने कहा कि मैं आज कानपुर गया, वहां मैंने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उस परिवार के बेटे को बहुत ही निर्मम तरीके से मारा गया। इस हमले में 26 लोगों को बेहद क्रूर तरीके से मारा गया और बहुत से लोग घायल हुए हैं। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि आतंकियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। चाहे वो जहां भी हों, उन्हें कीमत चुकानी होगी। हमें आतंकियों को ढुलमुल तरीके से नहीं, बल्कि पूरी मजबूती के साथ करारा जवाब देना है, ताकि उन्हें याद रहे कि हिंदुस्तान के साथ ऐसा नहीं किया जा सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी को एक्शन लेना है। पूरा विपक्ष सरकार के साथ खड़ा है। हमारा 100 प्रतिशत समर्थन सरकार के साथ है।
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