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अयोध्या विवाद फैसला: ओवैसी बोले- नहीं चाहिए खैरात, पढ़िए सबसे बड़े फैसले पर किसने क्या कहा?

अयोध्या जमीन विवाद पर फैसला आने के बाद लोगों की प्रितिक्रियाएं आ रही है। पीएम मोदी समेत दूसरे नेताओं ने इस पर प्रितिक्रिया दी है। आपको बताते हैं कि किस नेता फैसले पर क्या कहा है?

AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने फैसले पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट से गलती नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि हमें पांच एकड़ जमीन के खैरात की जरूरत नहीं है। देश का मुसलमान उत्तर प्रदेश में पांच एकड़ जमीन खरीद सकता है। लड़ाई न्याय के लिए थी।

फैसले पर दिल्ली के जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने अयोध्या फैसले पर कहा कि हम अदालत का फैसला मानेंगे और मुझे उम्मीद है कि देश विकास की ओर बढ़ेगा।

फैसले पर अजमेर दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन ने कहा कि ये किसी की जीत-हार नहीं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमें स्वीकार करना चाहिए।

फैसले के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया,”सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मुद्दे पर अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट के इस फैसले का सम्मान करते हुए हम सब को आपसी सद्भाव बनाए रखना है। ये वक्त हम सभी भारतीयों के बीच बन्धुत्व, विश्वास और प्रेम का है”

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने फैसले को एतिहासिक बताते हुए कहा कि वो खुद 24 नवंबर को अयोध्या जाएंगे।

शिवसेना के साथ ही MNS प्रमुख राज ठाकरे ने भी फैसले पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि कार सेवकों का बलिदान बेकार नहीं गया है। फैसले के बहाने मोदी सरकार पर इशारों-इशारों पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर के साथ-साथ राष्ट्र में राम राज्य भी होना चाहिए, यही मेरी इच्छा है।

फैसले का स्वागत करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि दशकों से चल रहा मसला सही निष्कर्ष पर पहुंय गया है। इसे जीत-हार के तौर पर नहीं देखना चाहिए।

धर्म गुरु श्री-श्री रविशंकर ने भी अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को एतिहासिक बताया है। उन्होंने भी कहा कि लंबे वक्त से चल रहा मसला सही निष्कर्ष पर पहुंचा है। उन्होंने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया है। वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि, हर किसी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानना चाहिए और शांति बनाए रखना चाहिए।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी फैसला का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि 5 जजों की बेंच ने अपना फैसला दिया है। सालों से चला आ रहा विवाद आज खत्म हो गया है।

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