पांच साल में पहली बार पतंजलि की आमदनी में गिरावट आई है। कंपनी के रेवेन्यू में 10 पर्सेंट की गिरावट दर्ज की गई है। 2013 के बाद पहली बार यह गिरावट आई।
बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि को 5 साल में पहली बार बड़ा झटका लगा है। पांच साल में पहली बार पतंजलि की आमदनी में गिरावट आई है। दरअसल जीएसटी और कमजोर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के चलते आई मुश्किलों की वजह से कंपनी की बिक्री गिर गई है। केयर रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का कंज्यूमर गुड्स रेवेन्यू वित्त वर्ष की समाप्ति पर मार्च 2018 में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ 8,148 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था। 2013 के बाद पहली बार यह गिरावट आई।
कंपनी के संस्थापक बाबा रामदेव कंपनी के टर्नओवर को 3 से 5 सालों में 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन पतंजलि का रेवेन्यू 2016 में 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, जबकि 2012 में यह 500 करोड़ रुपये से भी कम था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने अपने सिस्टम में कमी की इन खबरों का खंडन किया। हालांकि उन्होंने ये जरूर माना है कि ड्रिस्ट्रीब्यूटर्स ने GST को अपनाने में ढिलाई दिखाई। अब कंपनी नए सिस्टम के मुताबिक ढलने की कोशिश कर रही है, लेकिन दिक्कत अभी भी है।
आपको बता दें कि साल 2006 में पतंजलि आयुर्वेद की स्थापना हुई थी। इसके बाद से बाबा रामदेव हर क्षेत्र में पतंजलि का बिजनेस फैला रहे हैं। इस साल पतंजलि ने कपड़ा उद्योग में भी कदम रख दिया। पतंजलि की खासियत ये है कि इसके सभी प्रोडक्ट्स पूरी तरह से स्वदेशी हैं। पतंजलि का मुख्यालय उत्तराखंड के हरिद्वार में है और पतंजलि में करीब 2 लाख कर्मचारी काम करते हैं।
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