केंद्र सरकार ने वॉट्सऐप से चाइल्ड पॉर्नोग्राफी रोकने के लिए एक नया कानून प्रस्तावित किया है। इस कानून के तहत इस तरह की क्लिप शेयर करने पर यूजर्स को सजा हो सकती है।
अगर आप दोस्तों के साथ मजाक में चाइल्ड पॉर्नोग्राफी शेयर करते हैं तो सावधान हो जाइए, अब इस तरह की क्लिप वॉट्सऐप पर शेयर करने पर आपको 7 साल की सजा हो सकती है। इस केस में आपको बेल भी नहीं मिलेगी और जुर्माना अलग से देना होगा। दरअसल केंद्र सरकार ने वॉट्सऐप से चाइल्ड पॉर्नोग्राफी रोकने के लिए एक नया कानून प्रस्तावित किया है। मीडिया रिपोर्ट् के मुताबिक सरकार ने प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेन्स ऐक्ट के में कुछ संशोधन करने की तैयारी की है।
इस प्रस्ताविक कानून के एक प्रावधान के तहत अगर कोई इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप पर चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के क्लिप्स सेंड करता है उसे सात साल की जेल हो सकती है। प्रपोज्ड कानून के तहत अगर किसी भी यूजर्स के पास चाइल्ड पॉर्नोग्राफी की क्लिप आती हो तो उसे अथॉरिटी को रिपोर्ट करना जरूरी होगा। अगर यूजर ने ऐसा नहीं किया तो इसके लिए उसे पेनाल्टी देनी पड़ सकती है।
खबरों के मुताबिक एक्ट में बदलाव कर दिये गए हैं लेकिन कानून और महिला बाल एवं विकास मंत्रालय की तरफ से अभी कानून की मंजूरी नहीं मिली है। मंत्रालय से प्रस्तावित कानून को बनाने की मंजूरी मिलने के बाद इसे कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। आपको बता दें कि भारत में वॉट्सऐप के सबसे ज्यादा यूजर्स हैं। इन दिनों सोशल साइट्स पर फेक न्यूज तेजी से फैलाई जा रही है। इसे रोकने की कवायद भी चल रही है।
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