फोटो: न्यूज़ नुक्कड़
देश में सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सालों से संघर्षरत वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. वसीम रजा अंसारी को अमेरिका की प्रतिष्ठित ग्लोबल यूनिवर्सिटी ऑफ बॉस्टन ने “Honorary Doctorate in Social Work (Honoris Causa)” से सम्मानित किया है।
यह सम्मान उन्हें 2 अगस्त 2025 को दिल्ली-एनसीआर स्थित The Gaurs Sarovar Premiere में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी, जो कि राष्ट्रीय मानवाधिकार एंड एन्टी करप्शन मिशन के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, को यह सम्मान समाज में वंचितों की आवाज उठाने, भ्रष्टाचार के विरुद्ध सक्रिय संघर्ष, और मानवाधिकारों के संरक्षण में उनकी निर्णायक भूमिका के लिए मिला है।
सम्मान-पत्र में विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया है कि डॉ. वसीम रजा अंसारी की सेवाएं केवल भारत तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उनके प्रयासों ने वैश्विक मंच पर भी सकारात्मक प्रभाव डाला है। डॉक्टरेट डिग्री का प्रमाण पत्र बोर्ड ऑफ रीजेंट्स के अध्यक्ष डॉ. क्रिस हॉवर्ड के हस्ताक्षर के साथ जारी किया गया है, और उनका Enrollment No. GUB/25/000299 दर्ज किया गया है।
विश्वविद्यालय ने यह भी कहा कि डॉ. अंसारी का समर्पण भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके नेतृत्व में सामाजिक चेतना और न्याय की भावना को जो बल मिला है, वह अनुकरणीय है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. अंसारी ने कहा, “यह डॉक्टरेट सिर्फ मेरा व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि उन सभी संघर्षशील साथियों और पीड़ितों का है, जिनके अधिकारों की रक्षा को मैंने अपना कर्तव्य समझा है। यह सम्मान मुझे और अधिक निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करेगा।”
डॉ. अंसारी ने यह भी स्पष्ट किया कि अब उनका फोकस समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना और भ्रष्टाचार के खिलाफ जन-जागरूकता को गति देना होगा।
राष्ट्रीय मानवाधिकार एंड एन्टी करप्शन मिशन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस सम्मान को ‘देश के लिए गौरव की बात’ मान रहे हैं। संगठन के सदस्यों का कहना है कि यह उपलब्धि हर उस नागरिक के लिए प्रेरणास्त्रोत है, जो बदलाव की नीयत से समाज सेवा में जुटा है।
डॉ. अंसारी की अगुवाई में संगठन ने महिला उत्पीड़न, जातीय भेदभाव, पुलिसिया अत्याचार और सरकारी भ्रष्टाचार के मामलों में हज़ारों पीड़ितों को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी यह उपलब्धि सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना की वैश्विक स्वीकृति भी है।
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