उत्तर प्रदेश में दो धुर विरोधी एक हो गए हैं। मायावती की बीएसपी और अखिलेश यादव की एसपी में गठबंधन हो गया है। दोनों ही पार्टियां यूपी में आगामी लोकसभा चुनाव में 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी।
रायबरेली और अमेठी की सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी है। जबकि दो और सीटें दूसरी पार्टियों के लिए छोड़ने पर सहमति बनी है। लखनऊ में बीएसपी प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दोनों ने गठबंधन का ऐलान किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने बेइमानी से सत्ता हासिल की है। उन्होंने कहा कि जनविरोधी बीजेपी पार्टी को सत्ता में आने से हम रोकेंगे। बीएसपी प्रमुख ने कहा कि बीजेपी की अहंकारी सरकार से जनता परेशान है। उपचुनावों में जीत का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि जिस तरह से हम लोगों ने मिलकर उपचुनाव में बीजेपी को मात दी थी, उसी तरह लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराएंगे।
कांग्रेस से गठबंधन नहीं होने के सवाल पर मायावती ने कहा कि ”कांग्रेस से गठबंधन करके हमें कोई फायदा नहीं मिलता है, बल्कि उल्टे हमारा वोट कांग्रेस को ट्रांसफर हो जाते हैं। हमारा वोट प्रतिशत घट जाता है।” गेस्ट हाउस कांड के सवाल पर मायावती ने कहा ”गेस्ट हाउस कांड को किनारे करके देश हित और जन हित में हम सपा से गठबंधन कर रहे हैं। इस बार यह गठबंधन लंबा चलेगा।” आपको बता दें कि सपा-बसपा के बीच 26 साल पहले भी गठबंधन हुआ था। 1993 में भी दोनों दल साथ आए थे। दो साल सरकार भी चली, लेकिन 1995 के गेस्ट हाउस कांड के बाद गठबंधन टूट गया। आरोप है कि तब लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस में मायावती की मौजूदगी में समाजवादी समर्थकों ने बीएसपी विधायकों से मारपीट की थी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी पर हमला बोलते हुए समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इस वक्त पूरे देश में अराजकता का माहौल है। उन्होंने कहा कि यूपी में भूखमरी और गरीबी चरम पर है, लेकिन बीजेपी धर्म के नाम पर सियासत चमका रही है। बीजेपी की हुकूमत में हर वर्ग के लोग परेशान है। योगी आदित्यनाथ के राज में यूपी में बेकसूर लोगों के एनकाउंटर हो रहे हैं।
गठबंधन के ऐलान के बाद समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। वाराणसी में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने ढोल नगाड़ों के साथ पटाखे फोड़े और जश्न मनाया।
गठबंधन पर बीजेपी ने क्या कहा?
गठबंधन पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा “ये आपसी दुश्मनों का गठबंधन है। ना उनके वोटों में समानता है और ना ही उनके उद्देश्य एक हैं। चौधरी चरण सिंह, वीपी सिंह, एचडी देवेगौड़ा ने भी गठबंधन किया था लेकिन बाद में उनके हित टकराने लगे। चुनाव कभी इस गणित पर नहीं जीता जाता। गिनना शुरू करिए तो एनडीए में पिछली बार 24 साथी थे, अब 35 हैं। बेहतर संगठन हमारे साथ है, इसमें कोई शक नहीं कि हम दोबारा सत्ता में आएंगे।”
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