Categories: IndiaIndia NewsNews

बुलंदशहर में गोकशी के नाम पर हुए बवाल और पुलिस इंस्पेक्टर की मौत का जिम्मेदार कौन?

बुलंदशहर में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद जमकर बवाल हुआ है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में एक पुलिस इंस्पक्टर और प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

बुलंदशहर में अवैध बूचड़खाने और गोवंश के अवशेष मिलने के बाद जमकर बवाल हुआ है। भीड़ के तांडव में एक इंस्पेक्टर समेत दो लोगों की मौत हो गई। इंस्पेक्टर की मौत प्रदर्शनकारियों की फायरिंग से हुई। जबकि एक प्रदर्शनकारी बुरी तरह जख्मी हो गया। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने थाने और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।

[wpvideo oD2EU85M]

बताया जा रहा है कि कुछ हिंदूवादी संगठनों को ये जानकारी मिली थी कि ट्रक में भर कर गायों को बूचड़खाने ले जाया जा रहा था। जैसे ही ये जानकारी मिली भारी संख्या में लोग इकठ्ठा हुए और ट्रक से गायों को उतार कर ट्रक में आग लगा दी। लोग अवैध बूचड़खाने का विरोध कर रहे थे। जिसके बाद स्याना थाने के पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार पुलिसबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने और देखते ही देखते वो उग्र हो गए।

[wpvideo TZosdH50]

इस दौरान हिंसा पर उतारू भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने बचाव में हवाई फायरिंग की। इसके बाद भीड़ में से भी पुलिस पर गोली चलाई गई, जिसमें से एक गोली वहां मौजूद इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के सिर में लगी। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर पुलिस पर हमला कर दिया है। कई पुलिस चौकियों और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया है।

[wpvideo 3OQroV6d]

बुलंदशहर में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने मामले की जांच एडीजी इंटेलीजेंस को सौंप दी है। इसके साथ ही मेरठ रेंज के महानिरीक्षक की अध्यक्षता में SIT का गठन भी कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस हिंसा में तीन गांव के करीब चार सौ लोग शामिल हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है। ट्वीट कर उन्होंने ग्रामीण और पुलिस इंस्पेक्टर की मौत पर दुख जताया है। पूर्व सीएम ने प्रदेश सरकार पर हमला करते हुए लिखा कि ”बीजेपी के शासन में उत्तर प्रदेश हिंसा और अराजकता के दुर्भाग्यपूर्व दौर से गुजर रहा है।”

गौरतलब है कि घटनास्थल के पास में ही मुस्लिम समुदाय का एक धार्मिक कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद हैं। हालांकि सोमवार को इस कार्यक्रम का आखिरी दिन है। ऐसे में यहां आए ज्यादा लोग वापस लौट गए हैं, लेकिन कुछ लोग अभी भी वहीं हैं।

newsnukkad18

Recent Posts

दिल्ली का पुनर्वास मॉडल सवालों के घेरे में, क्या गरीबों को शहर से बाहर धकेला जा रहा है?

दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…

1 week ago

उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक में RAM और हार्ड डिस्क चोरी का दावा, यूनियन ने की FIR की मांग

उत्तराखंड के जिला सहकारी बैंक से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बैंक…

1 week ago

गाजीपुर: रेवतीपुर स्कूल में भावुक विदाई, ऊषा पांडेय की सेवानिवृत्ति पर छलके जज़्बात

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रेवतीपुर पश्चिमी में…

1 week ago

गाजीपुर: लाठीचार्ज और उत्पीड़न के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन, SDM को सौंपा ज्ञापन

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील में वकीलों के साथ कथित उत्पीड़न और…

1 week ago

गाजीपुर: स्कूल-मंदिर के पास प्रस्तावित शराब दुकान पर बवाल, सेवराई में ग्रामीणों का विरोध

गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील के ग्राम सभा सेवराई में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब की…

2 months ago

अंबेडकर जयंती पर गाजीपुर में 10 बस्तियों में मुफ्त स्वास्थ्य शिविर, सैकड़ों लोगों को मिला लाभ

भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में रविवार, 12 अप्रैल 2026 को…

2 months ago

This website uses cookies.