फोटो: सोशल मीडिया
कोरोना महामारी की बीच उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर जारी है। जिसके चलते अभी भी पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आसमानी आफत के चलते नेशलन हाईवे समेत प्रदेश के कई अन्य मोटर मार्ग पूरी तरह से बंद है। ऐसा ही हाल रुद्रप्रयाग जिले का भी है। जहां करीब 12 मोटर मार्ग भूस्खलन की वजह से बंद हो गए हैं। इन मार्गों के बंद होने से सीधा सीधे ग्राणीणों पर असर पड़ा है। जरूरी चीजों के लिए भी अब कोई गाड़ी एक जगह से दूसरे जगह नहीं जा पा रही है।
आपको बता दें, रुद्रप्रयाग की केदारघाटी के अलावा हिमालयी क्षेत्रों में बीते कई दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर भी जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। प्रसिद्ध पर्यटक स्थल चोपता-दुगलबिट्टा को जोड़ने वाला वैकल्पिक भीरी-मक्कूमठ मोटर मार्ग एक सप्ताह से बंद पड़ा हुआ है। आलम ये है कि ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले मोटर मार्ग बंद होने से कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा गया है।
रुद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता इन्द्रजीत बोस ने कहा है कि भूस्खलन के कारण लोनिवि रुद्रप्रयाग के अन्तर्गत बीस सड़कें प्रभावित हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान मयाली-गुप्तकाशी, छेनागाड़-बक्सीर, काण्डई-कमोल्डी-मोल्खाखाल और रैंतोली-जसोली मोटर मार्ग पर हुआ है। इस सड़कों के टूटने से विभाग को करीब करीब दो करोड़ का नुकसान हुआ है।
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