अल्मोड़ा की सांस्कृतिक विरातसत को बचाने और पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया द्वारा किये जा रहे कामों के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।
बद्रीनाथ और केदारनाथ सोशल एंड एजुकेशनल सोसायटी की तरफ से उन्हें शॉल और स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया गया। होटल शिखर में आयोजित सम्मान समारोह के मौके पर डीएम ने कहा कि सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा अपनी अलग पहचान रखता है। इस सांस्कृतिक विरासत को संजाए रखने के लिए जिला प्रशासन की कोशिश आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिले को अलग पहचान दिलाने के लिए लोगों की भी भागीदारी जरूरी है।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि अलग-अलग मौकों पर आयोजित होने वाले महोत्सवों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हमारी संस्कृति को जीवित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा नगर दशहरा महोत्सव, होली, रामलीला के लिए विश्व में प्रसिद्ध है। ये पर्यटन के लिहाज से काफी अच्छा है, क्योंकि काफी तादाद में पर्यटक इस इन मौकों पर जिले में आते हैं। जिलाधिकारी ने पर्यटन को आमदनी का मुख्य श्रोत बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए अलग-अलग मौकों पर वर्कशॉप आयोजित की जायेंगी। जिसमें स्थानीय युवा प्रशिक्षण ले सकेंगे।
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
उत्तराखंड के जिला सहकारी बैंक से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बैंक…
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रेवतीपुर पश्चिमी में…
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील में वकीलों के साथ कथित उत्पीड़न और…
गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील के ग्राम सभा सेवराई में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब की…
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में रविवार, 12 अप्रैल 2026 को…
This website uses cookies.