कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच आर्थिक सेहत को सुधारने के लिए केंद्र से लेकर राज्य सरकारों तक ने लॉकडाउन को करीब-करीब खत्म कर दिया है।
शर्तों के साथ ज्यादातर चीजें खोल दी गई हैं। इस दौरान सरकार ने शर्तों के साथ ही धार्मिंक स्थलों को भी खोल दिया है, लेकिन नैनीताल के हल्द्वानी में धर्मुगुरुओं ने धार्मिक स्थलों को लेकर जो फैसला लिया है उसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। दरअसल सभी धर्म के धर्मुगुरुओं ने प्रशासन के साथ मीटिंग में ये फैसला किया कि जिले में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च को 30 जून तक बंद रखा जाए, क्योंकि इससे कोरोना वायरस के फैलने का खतरा काफी ज्यादा है।
मीटिंग में ये तय हुआ कि आने वाले वक्त की गंभीरता को देखने के बाद ही धार्मिक स्थलों को खोलने पर विचार किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन ने भी धर्मगुरुओं के इस फैसले की सराहना की। आपको बता दें कि 8 जून से शहर के सभी धार्मिक स्थलों को खोला जाना था। नैनीताल जिला क्योंकि सोमवार तक रेड जोन में था। यही वजह है कि यहां धार्मिक स्थलों को खोलने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। हालांकि मंगलवार को जिले को रेड जोन से बाहर कर दिया गया। जिसके बाद प्रशासन और पुलिस ने शहर के सभी धर्मगुरुओं को बातचीत के लिए बुलाया। मिटिंग में ये चर्चा की जानी थी कि हल्द्वानी में धार्मिक स्थल में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर क्या इंतजाम किया जाना चाहिए। बैठक में सभी धर्मगुरुओं ने फैसला लिया कि फिलहाल 30 जून तक धार्मिक स्थलों को ना खोला जाए। तब तक यहां के लोग अभी की तरह अपने घरों में पूजा करें। कोरोना संकट के बीच हल्द्वानी के धर्मगुरुओं का ये फैसला नजीर के रूप में देखा जा रहा है।
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