चमोली में लगातार हो रही बारिश का ना सिर्फ इंसानों पर असर पड़ा है, बल्कि भगवान भी इस आफत से गुजर रहे हैं। दरअसल, लगातार हो रही बारिश के बीच विश्व प्रसिद्ध नंदा लोकजात यात्रा का भी आयोजन चल रहा है।
मां नंदा देवी की डोली को कैलाश तक पहुंचा का सिलसिला शुरू होग गया है। ऐसे में श्रद्धालु अपनी जान जोखिम में डालकर मां नंदा देवी की डोली के साथ उफनाती नदी नालों को पार कर रहे हैं। चमोली में रोजाना हो रही मूसलाधार बारिश से नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। इन दिनों चमोली में विश्व प्रसिद्ध नंदा लोकजात यात्रा का आयोजन हो रहा है। सिद्धपीठ कुरुड़ से मां नंदा की डोली कैलाश के लिए विदा हुई है।
इस यात्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल भी हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह से आपदा पर भी आस्था भारी पड़ रही है। ये वीडियो घाट क्षेत्र के कुंडबगड़ गांव के पास एक नदी का है। जहां पानी उफान पर है लेकिन श्रद्धालु किसी तरह जान जोखिम में डाल कर डोली को नदी पार करवा रहे हैं।
आपको बता दें कि चमोली जिले में विश्व प्रसिद्ध नंदा लोकजात का आयोजन चल रहा है। 14 अगस्त को चमोली के विकासखंड घाट स्थित नंदादेवी के मंदिर सिद्धपीठ कुरुड़ से मां नंदा की डोली कैलाश के लिए विदा हुई। अलग पड़ावों के दुर्गम और जंगली रास्तों को पार कर मां नंदा की डोली 11 दिनों की यात्रा पूरी कर कैलाश पहुंचती है। यहा नंदासप्तमी के दिन लोकजात संपन्न होती है।
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