चारधाम यात्रा मामले में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है।
प्रदेश सरकार के शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा कि कोर्ट के फैसले की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। लिखित जजमेंट की प्रति प्राप्त होने के बाद सरकार उसका परीक्षण करेगी और आवश्यकता होगी तो सुप्रीम कोट जाएगी।
शासकीय प्रवक्ता ने कहा कि चारधाम यात्रा के संबंध में प्रदेश सरकार ने पूरी तरह परीक्षण करने और सारी व्यवस्था देखने के बाद निर्णय लिया था।
इसके तहत यह देखा गया था कि चारों धामों में 750 यात्री दर्शन कर सकते थे, यह संख्या सीमित की थी। एक-एक वरिष्ठ अधिकारी को हर धाम में देवस्थानम बोर्ड व जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर यात्रा की मॉनिटरिंग कराने का फैसला किया गया था।
ऐसी परिस्थिति में उच्च न्यायालय ने जो स्टे किया है, उसकी प्रति मिलने और उसका परीक्षण करने के बाद सरकार आगे का निर्णय लेगी।
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