देश भर में ऐसे कई लोग हैं जो इस समय आपदा को अवसर समझकर ना सिर्फ अपने काम को लेकर लापरवाह हैं बल्कि नौकरी की भी परवाह ना करते हुए गायब हैं।
ऐसे लोगों में डॉक्टर भी शामिल हैं, लेकिन अब ऐसे लोगों के खिलाफ उत्तराखंड सरकार ने कड़ा कदम उठाने का मन बना लिया है। जानकारी के मुताबिक अस्पतालों से काफी समय से गायब चल रहे 81 डॉक्टरों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इनकी छुट्टी को लेकर सीएम ने भी मुहर लगा दी है।
इसके अलावा सीएम त्रिवेंद्र ने लोक निर्माण विभाग के ज्यादातक अभियंता के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उसके निलंबन के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित इन चिकित्सकों की विभाग में अनुपस्थिति की तिथि से सेवा समाप्ति संबंधी प्रस्ताव को सहमति हेतु लोक सेवा आयोग को भेज दिया गया है।
आपको बता दें, त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य में कोविड-19 के प्रसार एवं संक्रमण के प्रभावी रोकथाम के लिये दून मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध दून चिकित्सालय को एसडीआरएफ मद से 3 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है।
उत्तराखंड के देहरादून और उत्तरकाशी में आज कई जगह हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान…
अंकिता भंडारी के माता-पिता, पवन खेड़ा समेत कई प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में…
9 अक्टूबर की रात लोधी गार्डन से इंडिया गेट तक निकली 'रिक्लेम द नाइट' पदयात्रा…
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…
This website uses cookies.