फोटो: सोशल मीडिया
उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है। पुलवामा हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ चले ऑपरेशन में शहीद हुए मेजर विभूति ढौंडियाल की पत्नी निकिता ढौंडियाल भी अब सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करेंगी।
उन्होंने सेना में भर्ती के लिए सभी जरूरी परीक्षाएं पास कर ली हैं और वो जल्द ही सेना ज्वाइन कर लेंगी। आपको बता दें कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला हुआ था। जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। इसमें उत्तराखंड के एक जवान मोहनलाल रतूड़ी भी थे। इसके बाद आतंकियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन में उत्तराखंड ने अपने दो और लाल खो दिए थे। 16 फरवरी को जहां मेजर चित्रेश बिष्ट शहीद हुए थे जबकि 18 फरवरी को जैश-एक मोहम्मद के खिलाफ चले ऑपरेशन में मेजर विभूति ढौंडियाल शहीद हुए थे।
आपको याद होगा शहीद मेजर विभूति ढौंडियाल के अंतिम संस्कार के वक्त पत्नी के शब्द ‘आई लव यू विभू’ ने पूरे देश को रुला दिया था। पति की शहादत के बाद निकिता ने आर्मी ज्वाइन करने की इच्छा जताई थी। इसमें सेना ने भी उनका उत्साह बढ़ाया था। जिसका नतीजा ये रहा कि निकिता ने सभी औपचारिक टेस्ट और इंटरव्यू पास कर लिए हैं। आपको बता दें कि मेजल विभूति ढौंडियाल का परिवार पौड़ी के ढौंडी गांव में रहता है।
शहीद मेजर विभूति को बचपन से ही सेना में जाने का जुनून था। उन्होंने कक्षा सात में ही सेना में जाने की कोशिश शुरू कर दी थी। जब वे सातवीं कक्षा में थे तब उन्होंने राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) में भर्ती की परीक्षा दी, लेकिन सेलेक्शन नहीं हुआ था। फिर 12वीं में एनडीए की परीक्षा दी। इस बार भी चयन नहीं हुआ। ग्रेजुएशन के बाद उनका चयन हुआ और ओटीए चेन्नई में ट्रेनिंग की। साल 2012 में पासआउट होकर उन्होंने कमीशन प्राप्त किया। मेजर विभूति का विवाह 18 अप्रैल 2018 को हुआ था।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के सेवराई तहसील क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायत में लाखों से…
उत्तराखंड के टिहरी जिले के घनसाली में बड़ी विकास सौगात दी गई है। घनसाली में…
उत्तराखंड के बागेश्वर के बैजनाथ में 21 दिन की मासूम की मौत का मामला सामने…
उत्तराखंड के चमोली जिले के गोपेश्वर क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म…
उत्तराखंड में चंपावत खड़ी होली महोत्सव का विधिवत आगाज़ हुआ। इस कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य…
गाजीपुर जिले में पत्रकारों के लिए एक अहम पहल की गई है। प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार…
This website uses cookies.