फोटो: सोशल मीडिया
पंच केदारों में विख्यात द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर जी के कपाट शीतकाल की वजह से अब बंद कर दिए गए हैं।
आपको बता दें, केदार भगवान मद्महेश्वर जी के कपाट सोमवार 22 नवंबर को सुबह आठ बजे वृश्चिक लग्न में बंद हुए। पुजारी शिव लिंग चपटा ने पूजा- अर्चना के बाद भगवान के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप देकर कपाट बंद किए। कपाट बंद होने के उपरांत भगवान मद्महेश्वर की चलविग्रह डोली यहां से प्रवास करेगी।
25 नवंबर को चल विग्रह डोली श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में अपने गंतव्य पर पहुंचेगी। इससे पहले भगवान मद्महेश्वर की चलविग्रह डोली सोमवार 22 नवंबर को गौंडार, 23 नवंबर को रांसी, 24 नवंबर को गिरिया प्रवास करेगी। 25 नवंबर को चल विग्रह डोली के श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचने पर परंपरागत मद्महेश्वर मेला आयोजित होता है। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित महžवपूर्ण लोगों के पहुंचने का संभावित कार्यक्रम भी है।
गौरतलब है कि कपाट बंद होने के कार्यक्रम में सामाजिक दूरी सहित कोरोना बचाव मानकों का पालन किया गया। इस यात्रा वर्ष 5 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्री केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे। 6 नवंबर को श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हुए।
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