उत्तराखंड में सर्दियों के मौसम जिन गरीबों के आशियाने नहीं होते उनकी रात खुले आसामन के नीचे गुजरती है। ऐसे गरीबों को राज्य सरकार बड़ी सौगात देने जा रही है।
राज्य सरकार ने गरीबों के लिए आवास बनाने का फैसला किया है। आवास बनाने के लिए सरकार खटारा बसों का इस्तेमाल करेगी। मतलब ये कि जो बसें खटारा हो गई हैं, उन्हें मोडिफाइ किया जाएगा और उसे रैन बसेरा में तब्दील कर दिया जाएगा। ऐसा करने में कम पैसे भी खर्च होंगे।
योजना के तहत पहले देहारादून और फिर ऊधमसिंह नगर के किच्छा नगर पालिका में खटारा बसों को आवास में तब्दील करने की शुरूआत की जाएगी। इसी के तहत जिला प्रशासन ने किच्छा ने नगर पालिका को बसों को खड़ी रखने के लिए जगह चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं।
किच्छा नगर पालिका के अधिकारी संजीव मेहरोत्रा कहते हैं कि निदेशालय ने एक शानदार पहल की है। पहले चरण में देहारदून के लिए बसों में आवास बनाए जा रहे हैं। इसके बाद किच्छा में आवास बनाने की शुरूआत की जाएगी। उन्होंने ये भी बताया कि निदेशालय को ही खटारा बसों का इंतजाम करना है। खटारा बसों को मोडिफाइ करने के बाद गरीब इनमें रह सकेंगे। एक बस में 10 लगों के रहने की व्यवस्था की जाएगी।
किच्छा नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि भूमिहीन परिवारों और सिडकुल के लिए करीब 1500 एकड़ जमीन सुरक्षित रखी गई है। उन्होंने बताया कि अभी तक इस जमीन का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इस जमीन का इस्तेमाल बेघरों के लिए आशियाने बनाने की योजना के तहत किया जा सकता है।
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