लॉकडाउन की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान अगर किसी को उठाना पड़ रहा है तो वो हैं दिहाड़ी मजदूर। फैक्ट्रियां और कंस्ट्रक्शन का काम पूरी तरह से बंद होने की वजह रोज कमा कर खाने वाले लोगों का रोजगार पूरी तरह से छिन गया है।
उनके पास अब घर लौटने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचा है। बड़ी तादाद में प्रवासी मजदूर अपने गृह जिले लौट रहे हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा लौट रहे प्रवासी मजदूरों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें अपने ही जिले में रोजगार मिलेगा। सरकार और प्रशासन ने इसकी तैयारी भी कर ली है। मुख्य विकास अधिकारी के मुताबिक मजदूरें को रोजगार देने के लिए उद्योग विभाग समेत दूसरे और विभागों को सूची दी गई है। विभागों को ये सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मजदूरों को उनकी स्किल के मुताबिक उन्हें रोजगार देने में मदद की जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक जिले में अब तक पांच हजार प्रवासी मजदूर आ चुके हैं। जबकि करीब 15 हजार मजदूर और आने हैं। अलमोड़ा लौटने के लए करीब 20 हज़ार प्रवासियों ने रजिस्ट्रेशन किया हुआ है। ये वही लोग हैं जो कई साल पहले रोजगार की तलाश में दूसरे राज्य गए थे। आपको बता दें कि उत्तराखंड लौटने के लिए करीब दो लाख प्रवासियों ने रजिस्ट्रेशन किया हुआ है।
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