कोरोना महामारी से पूरी दुनिया जूझ रही है। हर कोई जल्द से जल्द इससे छुटकारा चाहता हैं।
कोरना वायरस की वैक्सीन बनाने के लेकर भी युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। उम्मीद की जा रही है कि अगले साल कोई वैक्सीन जरूर बन जाएगी। इस बीच कोरोना से लड़ाई के मोर्चे पर अल्मोड़ा से अच्छी खबर आई है। अल्मोड़ा के जीबी पंत पर्यावरण एवं विकास संस्थान के वैज्ञानिकों व शोधार्थियों ने कोरोना के विरुद्ध दो ऐसे कंपाउड की खोज की है, जो कोरोना संक्रमण को रोकने में काफी हद तक कारगर है। संस्थान के रिसर्चर और वैज्ञानिकों ने मिलकर इन कंपाउंडों की खोज की है।
जीबी पंत संस्थान के इनवायरमेंट इनफॉरमेशन सेंटर के प्रोगाम मैनेजर व रिसर्चर महेशानंद ने बताया कि कोविड 19 वायरस के अंदर एक खास तरह का एंजाइम पाया जाता है। जिसे 3-सीएलसी-प्रो यानि 3-काइमोट्रिपसिन लाइक प्रोटिएज नाम से जाना जाता है। इस एंजायम की वजह से ही कोरोना वायरस का संक्रमण फैलता है। अगर, 3-सीएलसी प्रो एंजायम को खत्म कर दिया जाए तो कोरोना वायरस के संक्रमण को कम किया जा सकता है।
इसी को लेकर उनकी टीम ने एक शोध किया। जिसमें 1528 कंपाउंडों का एक एंटी HIV कंपाउंड पर स्टडी की गई। इस पर काफी कम्प्यूटराइज्ड स्क्रीनिंग की गई। इसमें से आखिरकार दो ऐसे कंपाउंड निकल कर सामने आए जो इस 3-सीएलसी प्रो-एंजायम को खत्म कर सकते हैं। अब इसका क्लीनिकल ट्रायल और पेटेंट कराए जाने की जरूरत है। इससे कोरोना को रोकने के लिए वैक्सीन बनाई जा सकती है।
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