उत्तराखंड के अल्मोड़ा के काकड़ीघाट शवदाह केंद्र का लकड़ी टाल बंद होने से लोगों में नाराजगी है। लोगों ने इसका विरोध किया है।
हालबाग विकासखंड पट्टी, तल्ला तिखून ग्राम के ग्रामीणों ने शवदाह केंद्र का लकड़ी टाल बंद करने का विरोध किया। ग्रामीणों ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञाप दिया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग करते हुए कहा कि यहां सैकड़ों गांवों का अंतिम संस्कार किया जाता है। उन्होंने कहा कि आज ग्रामीणों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। शवदाह के लिए लकड़ी न मिलने पर स्वछता पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा। क्षेत्र वासियों को शवदाह के लिए लकड़ी की आवश्यकता पड़ेगी और व्यवस्था स्थानीय जंगलों से करने के लिए बाध्य होंगे। इसका विपरीत प्रभाव पर्यावरण पर भी पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द इस आदेश को निरस्त किया जाए। वरना सभी गांवों के लोग धरना देंगे।
बता दें कि वन निगम ने लकड़ीटाल बंद कर दिया है। शवदाह का लकड़ी टाल बंद करने का आदेश क्षेत्रीय प्रबंधक वन विभाग निगम हल्द्वानी द्वारा किया गया है। काकड़ीघाट जो कि नैनीताल और अल्मोड़ा जिले के कोसी, सिरौता सरस्वती नदी के संगम पर बसा हुआ है। एक बड़ा तीर्थ स्थल भी है। अल्मोड़ा जिला विकासखंड ताड़ीखेत के पट्टी चौगांव ग्राम बजीना बाजोल ,पोखरी और पट्टी कंडारखुवा के ग्राम गाड़ी, चौना इनाड़, जाला कनार, अल्मियांकॉडा, खुडोली और काकड़ीघाट समेत अनेक गांवों के लोग यहां अंतिम संस्कार के लिए आते हैं।
(अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट)
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