चमोली के एक युवक ने पहाड़ के लोगों के लिए एक मिसाल पेश की है। कर्णप्रयाग ब्लॉक के ग्वाड़ गांव के रहने वाले प्रदीप कुंवर ने अपनी जमीन पर चंदन का छोटा सा जंगल उगा दिया।
तीन साल की मेहनत के बाद आज सफेद चंदन का जंगल लहलहाने लगा है। जिस वक्त प्रदीप ने परंपरागत खेती से हटकर चंदन का जंगल उगाने की योजना बनाई तो गांव के लोगों ने उसका मजाक उड़ाया। लोगों ने इसे नामुमकि बताया, लेकिन युवक की मेहनत रंग लाई। अब वो लोग जो युवक का मजाक उड़ाया करते थे, उसे शाबासी दे रहे हैं।
प्रदीप ने एमए और बीएड की पढ़ाई के बाद कभी नौकरी की तलाश नहीं की। उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन पर कुछ अलग करने का फैसला किया। परंपरागत खेती के अलावा उन्हें कोई राह नजर नहीं आई। जबकि, परंपरागत खेती को जंगली जानवर तो नुकसान पहुंचाते ही हैं, सिंचाई की व्यवस्था नहीं होने की वजह से लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में प्रदीप ने चंदन का जंगल उगाने का सोचा।
प्रदीप ने साल 2017 में भिकियासैंण (अल्मोड़ा) स्थित नर्सरी से चंदन की पौध खरीदकर उसे खेतों में लगाना शुरू कर दिया। शुरुआत में उन्होंने तीन नाली करीब 6480 वर्ग फीट जमीन पर चंदन के 120 पौधों का रोपण किया। तीन साल तक इन पौधों की बच्चों की तरह परवरिश की गई। आज खेतों में लहलहा रहे 12 फीट ऊंचे सफेद चंदन के 40 पेड़ उनकी मेहनत की गवाही दे रहे हैं। यही नहीं पेड़ों में बीज आने भी शुरू हो गए हैं और अब वह बीज से नर्सरी तैयार करने में जुटे हैं।
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