उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने लड़कियों के फटी जींस पहनने को लेकर दिए अपने बयान पर मचे चौतरफा कोहराम के बाद सफाई दी है।
एक न्यूज़ पोर्टल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वो एक पिता हैं। इसलिए उन्होंने संस्कारों की बात की। उन्होंने कहा कि वो किसी के जींस पहनने का विरोध नहीं कर रहे हैं, जिसे जो पहनना है पहने। वो उसका अधिकार है। वो सिर्फ फटी हुई जींस को लेकर अपनी बात कह रहे थे। बता दें कि फटी हुई जींस पहनने के लेकर उन्होंने राजधानी देहरादून में एक बयान दिया था। जिसके बाद से ही उनकी आलोचना हो रही थी। सोशल मीडिया बयान को लेकर उन्हें ट्रोल किया गया। यहां तक कि संसद में उनके बयान का मुद्दा उठा।
क्या था उनका बयान?
देहरादून में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की तरफ से बच्चों में नशे की बढ़ती लत पर एक कार्यक्रम था। यहीं पर कार्यक्रम में वो अपनी बात रख रहे थे। इस दौरान एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार वो किसी कार्यक्रम के सिलसिले में जयपुर से दिल्ली जा रहे थे। फ्लाइट में बैठे हुए थे। उनके बगल में एक महिला बैठी हुई थी। महिला एक NGO चलाती थीं, जबकि उसके पति एक कॉलेज में प्रोफेसर थे। उस महिला ने पांव में गमबूट और घुटनों में फटी जींस पहनी हुई थी। महिला के साथ उसके दो बच्चे भी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि, एनजीओ चलाती हैं, पति जेएनयू में प्रोफेसर हैं, घुटने फटे दिख रहे हैं, समाज के बीच में जाती हैं, बच्चे साथ में है। क्या संस्कार दे रही हैं।
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