फोटो: सोशल मीडिया
उत्तराखंड में कोरोना वायरस ने कोहराम मचा रखा है। इस बीच प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ ने लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान कर दिया है।
प्रदेश के सरकारी अस्पताल में तैनात 1 से 7 के बीच काल पट्टी बांधकर विरोध स्वरूप काम करेंगे। संघ का कहना है कि इसके बावजूद उनकी मांगें नहीं मानी गई तो डॉक्टर 8 सितंबर को सामूहिक त्यागपत्र देंगे। डॉ. नरेश नपलच्याल ने कहा कि कोरोना महामारी में डॉक्टर न सिर्फ अपनी बल्कि परिवार की सुध भूलकर अपनी पूरी ईमानदारी के साथ ड्यूटी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी ये मांग है कि सरकार डॉक्टरों को प्रोत्साहन राशि, जोखिम भत्ता दे। इसके साथ ही डॉ. नरेश नपलच्याल ने जसपुर विधायक आदेश चौहान द्वारा कंटेनमेंट जोन को लेकर प्रभारी चिकित्साधिकारी से की गई अभद्रता की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कहा कि हमारी ये मांग है कि विधानसभा अध्यक्ष उन्हें अयोग्य ठहराएं।
वहीं, महासचिव डॉ. मनोज वर्मा ने कहा कि संगठन की कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण में सीएम ने पीजी कर रहे डॉक्टरों को पूरी सैलरी देने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि इस पर अभी तक अमल नहीं किया गया।
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