उत्तराखंड सरकार ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के लोगों के लिए चारधाम यात्रा खोलने के अपने आदेश को स्थगित कर दिया है।
चारधाम यात्रा को चरणबद्ध ढंग से खोले जाने के मामले में प्रदेश सरकार ने यू टर्न ले लिया है। जहाँ शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कोविड कर्फ्यू को जारी रखते हुए चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिले के स्थानीय लोगों के लिए बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री के दर्शन की सशर्त अनुमति की घोषणा की।
शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल की ओर से जानकारी दी गई कि कोविड की आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट की अनिवार्यता के साथ स्थानीय लोग अपने-अपने जिलों में धाम के दर्शन कर सकेंगे। लेकिन राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से कोविड कर्फ्यू को लेकर जो एसओपी जारी की गई, उसमें चारधाम यात्रा को सशर्त खोले जाने का जिक्र नहीं है।
वहीं शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल का कहना है कि 16 जून के बाद राज्य सरकार यात्रा खोलने पर फिर से विचार करेगी। देवस्थानम बोर्ड को 1 जुलाई तक तैयारी करने के निर्देश दें दिए गए है।
बता दें कि इससे पहले सरकार द्वारा चारधाम यात्रा को जिलास्तर पर अनुमति दी गई थी, लेकिन आरटी-पीसीआर निगेटिव रिपोर्ट जरूरी थी। सरकार ने जिन जिलों को यात्रा की अनुमति दी थी।
उनमें चमोली जिले के यात्री बद्रीनाथ धाम के दर्शन, रुद्रप्रयाग जिले की केदारनाथ धाम के दर्शन और उत्तरकाशी जिले के यात्री गंगोत्री यमुनोत्री धाम के दर्शन करने का नियम बनाया था।
हालांकि सरकार ने अब आदेश स्थगित कर दिया है। फिलहाल केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में केवल पुजारियों को पूजा अर्चना संबंधी गतिविधियां कर पाने की अनुमति है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…
उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…
उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
This website uses cookies.